रीवायत

रीवायत

निकाह रीवायतों से हुआ था
वफ़ा करेंगे, ये तय हुआ था
उज़र ज़िन्दगी, ने किया जो
नहीं सहेंगे यही कहा था..
-प्रिति

अर्श

अर्श

मैं अर्श हूं, बर्क हूं कभी,
इत्तिफाक़ नहीं, अफ़्सूँ हूं..
मैं तवक़्क़ो हूं, तदबीर हूं कभी,
बेज़ार नहीं, नायाब हूं…